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IDFC First Bank घोटाले में बड़ा एक्शन! CBI ने वरिष्ठ IAS अधिकारी को किया गिरफ्तार, जांच में हुए कई खुलासे

 Written By: Puneet Pareenja Edited By: Shivendra Singh
 Published : Jun 23, 2026 10:53 am IST,  Updated : Jun 23, 2026 02:10 pm IST

हरियाणा में सरकारी फंड के कथित गबन से जुड़े बहुचर्चित IDFC फर्स्ट बैंक घोटाले में सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने वरिष्ठ IAS अधिकारी पंकज अग्रवाल को गिरफ्तार किया है।

IDFC First Bank घोटाले में CBI ने...- India TV Hindi
IDFC First Bank घोटाले में CBI ने वरिष्ठ IAS अधिकारी को किया गिरफ्तार (सांकेतिक फोटो) Image Source : CANVA

हरियाणा में सामने आए बहुचर्चित IDFC First Bank फंड घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने वरिष्ठ IAS अधिकारी पंकज अग्रवाल को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां पर कोर्ट ने उनको दो दिन के रिमांड पर भेज दिया। आरोप है कि उनके कार्यकाल के दौरान सरकारी विभागों के खातों के जरिए करोड़ों रुपये के सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। CBI ने उन्हें गिरफ्तार कर अदालत में पेश करने की तैयारी की है।

 

क्या है पूरा मामला?

CBI के अनुसार, यह मामला हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद (HSSPP) और हरियाणा स्टेट एग्रीकल्चर मार्केटिंग बोर्ड (HSAMB) के खातों से जुड़ा है। ये खाते चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित IDFC फर्स्ट बैंक शाखा में खोले गए थे। जांच में सामने आया कि इन खातों को वित्त विभाग के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करते हुए खोला गया और बाद में इनमें तय सीमा से अधिक सरकारी धन ट्रांसफर किया गया। उस समय पंकज अग्रवाल संबंधित विभागों में प्रधान सचिव के पद पर कार्यरत थे।

सरकार को हुआ 60 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान

CBI का दावा है कि इन खातों में फर्जी और संदिग्ध लेनदेन के जरिए सरकारी धन का गबन किया गया। जांच में पता चला कि इससे सरकार को करीब 60.54 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। एजेंसी ने कहा कि जांच के दौरान पंकज अग्रवाल के खिलाफ कई अहम सबूत मिले हैं, जिसके आधार पर उनकी गिरफ्तारी की गई है।

504 करोड़ रुपये के बड़े घोटाले से जुड़ा मामला

जांच एजेंसियों के मुताबिक यह मामला केवल 60 करोड़ रुपये तक सीमित नहीं है। यह हरियाणा के आठ सरकारी विभागों से जुड़े उस बड़े घोटाले का हिस्सा है, जिसमें करीब 504 करोड़ रुपये की राशि कथित रूप से फर्जी कंपनियों और शेल एंटिटीज के जरिए बाहर निकाली गई थी। अब तक CBI इस मामले में 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इनमें बैंक अधिकारी, सरकारी कर्मचारी, निजी कंपनियां और अन्य व्यक्ति शामिल हैं।

पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां

इस मामले में इससे पहले वरिष्ठ IAS अधिकारी आर.के. सिंह को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके अलावा चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी और CREST से जुड़े मामलों की जांच भी CBI कर रही है, जिनमें कई बैंक अधिकारियों और सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है।

CBI ने क्या कहा?

CBI ने कहा है कि वह सरकारी धन के दुरुपयोग से जुड़े सभी जिम्मेदार लोगों को कानून के दायरे में लाने के लिए प्रतिबद्ध है। एजेंसी का लक्ष्य गबन किए गए पूरे धन के ट्रेल का पता लगाना और दोषियों को सजा दिलाना है।

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